भारतीय अर्थव्यवस्था के आर्थिक विकास दर में IMF ने नहीं किया बदलाव

by M. Nuruddin 8 months ago Views 4514

IMF did not change the economic growth rate of the
इंटरनेश्नल मॉनेटरी फंड (आईएमएफ) ने भारत को दुनिया में सबसे तेज़ी से बढ़ती अर्थव्यवस्था का टैग बनाए रखने का अनुमान लगाया है। आईएमएफ ने अपनी नई वर्ल्ड इकोनॉमिक आउटलुक रिपोर्ट में कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था के 2021 में 9.5 फीसदी और अगले साल 8.5 फीसदी ग्रोथ का अनुमान है। 

आईएमएफ के मुताबिक़ यह उम्मीदें मंदी से उबर रही भारत की अर्थव्यवस्था के लिए एक शुभ संकेत है। वित्त वर्ष 2021 में अर्थव्यवस्था में 7.3 फीसदी की नकारात्मक ग्रोथ देखी गई थी।


आईएमएफ की चीफ इकोनॉमिस्ट गीता गोपीनाथ ने कहा, "भारत के लिए इस साल ग्रोथ प्रोजेक्शन मे कोई बदलाव नहीं किया गया है। भारत बहुत ही मुश्किल से दूसरी लहर से निकला है और जुलाई महीने में अर्थव्यवस्था में एक बड़ी गिरावट भी देखी है लेकिन फिलहाल भारत के विकास दर अनुमान में कोई बदलाव नहीं किया गया है।"

आईएमएफ ने भारत के आर्थिक ग्रोथ रेट का अनुमान जुलाई महीने में 9.5 फीसदी कर दिया था, जिसमें अब आईएमएफ द्वारा 31 मार्च 2022 तक के लिए कोई बदलाव नहीं किया गया है।

हालांकि मई महीने में कोरोना महामारी की दूसरी लहर की पीक से पहले अप्रैल महीने में भारतीय अर्थव्यवस्था के 12.5 फीसदी की दर से ग्रोथ का अनुमान लगाया था, जिसमें जुलाई महीने में 3 फीसदी की कटौती कर दी गई थी और इसे 8.5 फीसदी कर दिया गया था।

2023 में बेहतर ग्रोथ की उम्मीद : IMF

इनके अलावा IMF ने वित्त वर्ष 2022-23 के दौरान भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए 8.5 फीसदी ग्रोथ का अनुमान लगाया है, जिसमें जुलाई महीने के मुक़ाबले कोई बदलाव नहीं किया गया है, जबकि यह अप्रैल महीने के मुक़ाबले 1.6 फीसदी ज़्यादा है।

आईएमएफ चीफ इकोनॉमिस्ट गीता गोपीनाथ ने कहा कि वित्तीय बाज़ार के संबंध में भारतीय अर्थव्यवस्था पहले से ही कई चुनौतियों का सामना कर रही है, इस तथ्य के साथ- वायरस अभी गया नहीं है। वैक्सीनेशन को लेकर चीफ इकोनॉमिस्ट ने भारत की प्रशंसा की और कहा, "टीकाकरण दरों के मामले में भारतीय अच्छा कर रहे हैं और यह निश्चित रूप से मददगार है।"

फिच रेटिंग ने भारत के आर्थिक विकास दर में की कटौती

हालांकि फिच रेटिंग एजेंसी ने चालू वित्त वर्ष के लिए भारत के आर्थिक ग्रोथ का अनुमान जून महीने में 10 फीसदी के मुक़ाबले पिछले हफ्ते 8.7 फीसदी कर दी है, जो कि कोरोना महामारी की दूसरी लहर से पहले 12.8 फीसदी के मुक़ाबले 4.1 फीसदी कम है।

इनके अलावा फिच रेटिंग्स ने वित्त वर्ष 2023 के लिए भारतीय अर्थव्यवस्था के बेहतर ग्रोथ की उम्मीद जताई है। एजेंसी के मुताबिक़ अप्रैल 2022 से शुरु होने वाले अगले वित्त वर्ष में भारतीय अर्थव्यवस्था 10 फीसदी ग्रोथ रेट के साथ बेहतर प्रदर्शन कर सकती है, जबकि जून महीने में यह विकास दर अनुमान 8.5 फीसदी थी।

वैश्विक आर्थिक विकास में गिरावट की आशंका : IMF

इंटरनेश्नल मॉनेटरी फंड ने मंगलवार, 12 अक्टूबर को वैश्विक अर्थव्यवस्था में गिरावट का अनुमान लगाया है। साथ ही रिपोर्ट में कहा गया है कि अमीर और ग़रीब देशों के बीच डायवर्जेंस या अस्थिरता भी बढ़ रही है।

International Monetary Fund (IMF) इस साल वैश्विक विकास के अपने पहले के पूर्वानुमानों को 0.1 फीसदी कम करके 5.9 फीसदी पर कर दिया है, जबकि 2022 के लिए अपने अनुमानों को IMF ने 4.9 फीसदी पर बरक़रार रखा है।

आईएमएफ ने कहा कि यह कटौती देखने में कम है लेकिन वास्तव में कई देशों के लिए यह बड़ी गिरावट है। आईएमएफ के मुताबिक़ यह महामारी में टूट चुकी अर्थव्यवस्थाओं के लिए एक बुरी ख़बर है। 

आईएमएफ की मुख्य अर्थशास्त्री गीता गोपीनाथ ने मंगलवार को एक वर्चुअल प्रेस कांफ्रेंस में कहा, "मांग बढ़ने के बीच वैश्विक आपूर्ति की कमी की वजह से कमोडिटी की कीमतें बढ़ रही है और इसका पूरा बोझ आम जनता पर पड़ रहा है।

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