ads

अर्थव्यवस्था को झटका, निर्यात में 8.74% की गिरावट

by Rahul Gautam 4 months ago Views 1485

वाणिज्य मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक पेट्रोलियम उत्पाद, इंजीनियरिंग, केमिकल और कीमती पत्थरो के निर्यात में गिरावट दर्ज हुई।

Economy shocks, exports fall by 8.74%
अर्थव्यवस्था के तेज़ी से सुधरने की उम्मीदों को झटका लगा है।  देश का निर्यात नवंबर महीने में 8.74 फीसदी घट गया है। पिछले साल नवंबर महीने में भारत ने 2577 करोड़ डॉलर के सामान का निर्यात किया था, लेकिन इस वर्ष नवंबर में यह आंकड़ा घटकर रह गया 2352 करोड़ डॉलर। सबसे चिंताजनक बात है कि कई उन सामानों के निर्यात में गिरावट दर्ज़ हुई है, जिनका उद्योग मज़दूरों पर आधारित है।

वाणिज्य मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक पेट्रोलियम उत्पाद, इंजीनियरिंग, केमिकल और कीमती पत्थरो के निर्यात में गिरावट दर्ज हुई। इसके अलावा चमड़े से बनी चीज़े, काजू और प्लास्टिक के बने सामान में गिरावट आयी है।


आंकड़ों के मुताबिक पेट्रोलियम उत्पाद के निर्यात में 59.73 फीसदी, चमड़ा और इसके प्रोडक्ट्स में 29 फीसदी, प्लास्टिक उत्पादों में 23 और इंजीनियरिंग से जुड़े सामानों में 8.12 फीसदी और केमिकल के निर्यात में 8.06 फीसदी की गिरावट दर्ज़ हुई है। इसमें चमड़ा, प्लास्टिक और मशीन का उद्योग काफी हद तक मज़दूर आधारित हैं यानी बड़ी तादाद में मज़दूरों की ज़रूरत पड़ती है।  ज़ाहिर है इससे दिहाड़ी मज़दूरों के जीवन यापन पर असर पड़ सकता है।

इसके अलावा वाणिज्य मंत्रालय के आंकड़े यह भी बताते है की देश में बीते महीने आयात भी 13.32 फीसदी घटकर 3339 करोड़ डॉलर पर आ गया। देश बड़ी तादाद में कृषि उत्पादो का निर्यात करके विदेशी मुद्रा भंडार को मजबूत करता है। लेकिन कृषि उत्पादों के निर्यात का हालिया आंकड़ा मिलीजुली तस्वीर पेश कर रहा है।

मसलन नवंबर महीने में जहाँ अनाज के निर्यात में 171.63 फीसदी,  चावल के निर्यात में 25.88 फीसदी और फल सब्जियों के निर्यात में 6.08 फीसदी की बढ़ोतरी हुई, वही काजू के निर्यात में 24.53 फीसदी, समुंद्री उत्पाद जैसे मछली में 16.1 फीसदी, खाने के तेल के बीजों में 15.2 फीसदी और कॉफ़ी के निर्यात में 1.27 फीसदी की गिरावट दर्ज़ हुई।

अगर पूरी तस्वीर पर गौर करें तो मालूम पड़ता है की अप्रैल-नवंबर 2020-21 में भारत के समग्र निर्यात यानि सामान और सर्विसेज दोनों में, पिछले साल इसी अवधि के मुकाबले 14.03 प्रतिशत की कमी आई है। इसी तरह आयात में 29.96 प्रतिशत की गिरावट दर्ज़ हुई है।

ज़ाहिर है यह आंकड़े अर्थव्यवस्था पर छाई अनिश्चिंता को दर्शाते है और ऐसे में यह कहना बिलकुल गलत न होगा की अर्थव्यवस्था का पूरी तरह पटरी पर लौटने में अभी समय लगेगा।

ताज़ा वीडियो