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कोरोना काल में वाहनों की ऑनलाइन ख़रीद-बिक्री 300% बढ़ी

by GoNews Desk 1 month ago Views 1657

Online purchase and sale of vehicles in the Corona
कोरोना महामारी और लॉकडाउन के बाद वाहनों की ख़रीद फ़रोख़्त में ऑनलाइन का इस्तेमाल बढ़ गया है। इस दौरान ऑनलाइन वाहनों की ख़रीद बिक्री में 300 फ़ीसदी की बढ़ोतरी देखी गई है। यह जानकारी, पुराने वाहनों की बिक्री और ऑनलाइन ऑटोमोबाइल मार्केट ड्रूम ने अपनी वार्षिक ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री रिपोर्ट में दी है। ड्रूम वाहनों की खरीद और बिक्री से जुड़ी वेबसाइट है। इसमें कहा गया है कि पिछले साल भारत में पुरानी कारों और दोपहिया वाहनों की अच्छी बिक्री हुई है।

इस रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि हर साल की अपेक्षा पिछले साल ग्राहकों ने पुरानी डीज़ल कारें अधिक खरीदीं।रिपोर्ट के मुताबिक पिछले साल सबसे अधिक बिकने वाली पुरानी कारों की लिस्ट में मारुति सुजुकी स्विफ्ट डिजायर का नाम सबसे ऊपर है। इसे ग्राहकों ने सबसे ज़्यादा पसंद किया है। इसके अलावा पुराने दोहपिया वाहनों में सबसे ज़्यादा बिक्री हीरो स्प्लेंडर प्लस की हुई है। वहीं, रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि पिछले साल कोरोना महामारी के कारण ऑनलाइन माध्यमों से वाहनों की बिक्री अधिक हुई है।


2020 में न सिर्फ ग्राहकों ने ऑनलाइन माध्यमों को वाहन ख़रीदने का ज़रिया बनाया बल्कि हर साल की अपेक्षा में 2020 में ग्राहकों ने पुरानी कार और दोपहिया वाहन अधिक खरीदे। रिपोर्ट के अनुसार भारतीय ग्राहकों को व्हाइट और सिल्वर कलर की कारें अधिक पसंद होती हैं। पिछले साल बिकी पुरानी कारों में 50 प्रतिशत कारें इन दोनों रंगों की थी।

इसके साथ ही 2020 में डीज़ल कारों को काफ़ी पसंद भी किया गया। 2020 में बिकने वाली पुरानी डीज़ल कारों की संख्या में 65 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। साल 2015 में पुरानी डीजल कारों की बिक्री में हुआ 35 प्रतिशत का इज़ाफा 2020 में 65 प्रतिशत तक पहुंच गया है। रिपोर्ट के अनुसार, लोग औसतन छह साल बाद अपनी पुरानी कार और बाइक, पांच साल बाद पुराना स्कूटर और तीन साल बाद पुरानी सुपर बाइक बेच देते हैं।

रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि 2020 में पहले की अपेक्षा लोगों ने जल्दी अपनी कारें बेची हैं। इसका मतलब जहां 2019 में लोगों ने अपनी नई कार को औसतन पांच साल छह महीने चलाकर बेचा था वहीं, 2020 में लोगों ने अपनी औसतन पांच साल पुरानी कारों को बेचा है। रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि 2020 में बिकने वाली कुल कारों में से 55 प्रतिशत भारतीय और जापानी ओरिजनल इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरर की कारें हैं।

वहीं, पुरानी जर्मन कारों ने भी अपनी बिक्री में इज़ाफा किया है। पिछले साल 10 से 18 प्रतिशत तक जर्मन कारें बिकी हैं। हालांकि, पुरानी कोरियाई कारों की बिक्री में गिरावट आई है। 2020 में पुरानी कोरियाई कारों की बिक्री 20 प्रतिशत से घटकर 12% रह गई है। इसके अलावा भारत में ग्राहकों के बीच ऑटोमैटिक गियरबॉक्स वाली कारों को अधिक पसंद किया गया।पिछले छह वर्षों में इनकी बिक्री में 20 से 35 प्रतिशत तक बढ़ोतरी हुई है।

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