पांच साल में 5.3 लाख करोड़ का बैंक घोटाला, एनपीए बढ़कर 21 लाख करोड़ पर पहुंचा !

Public on: 27-Apr-2022 Views 184

पांच साल में 5.3 लाख करोड़ का बैंक घोटाला, एनपीए बढ़कर 21 लाख करोड़ पर पहुंचा !

बैंक घोटालों को लेकर कांग्रेस पार्टी ने एक प्रेस कांफ्रेंस किया है जिसमें प्रवक्ता पवन खेड़ा ने पिछले पांच सालों में बैंक घोटालों को लेकर दावे और आंकड़े पेश किए हैं। रिज़र्व बैंक द्वारा दिए गए एक आरटीआई जवाब का हवाला देते हुए बिज़नेस टुडे ने बताया है कि 2020-21 के दरमियान 229 बैंक फ्रॉड हुए हैं। 

इतना ही नहीं बैंक फ्रॉड बनाम रिकवरी के मामले में भी गिरावट देखी गई है, मसलन 2020-21 में घोटाले की कुल रक़म का सिर्फ 0.7 फीसदी ही रिकवर किया जा सका। 

पवन खेड़ा ने दावा किया कि पिछले पांच सालों में देश में 5.35 लाख करोड़ रूपये के बैंक घोटाले हुए, इस दरमियान 8.17 लाख करोड़ रूपये सरकार ने माफ कर दिए और साथ इस अवधि में बैंकों पर एनपीए बढ़कर 21 लाख करोड़ हो गए हैं। 

उन्होंने दावा किया, “यह पहली बार है कि पांच साल की देरी के बाद, आरोपी को भागने का पूरा मौका दिया गया है", और "उन्होंने (सरकार) उस शख़्स को पांच साल दिए जिसने 28 बैंकों को धोखा दिया ... उनकी गड़बड़ी को सुलझाने और भागने के लिए"। 

उन्होंने कहा कि विपक्ष के दबाव के बाद, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) ने दो बार सीबीआई से एक चिट्ठी में शिकायत की, लेकिन कोई जांच नहीं हुई, और कांग्रेस के दबाव में एफआईआर दर्ज करने में सालों लग गए। दावे के मुताबिक़ इनमें एक चिट्ठी 8 नवंबर 2019 और एक चिट्ठी 25 अगस्त 2020 को भेजे गए थे। 

उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने फरवरी 2017 में सरकार को सचेत किया था कि एनसीएलटी द्वारा एबीजी शिपयार्ड लिमिटेड पर दिवालियेपन की कार्यवाही में ऋषि अग्रवाल जल्द ही फरार हो जाएंगे, जिसके वे अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक थे। 

खेड़ा ने आगे कहा कि 2007 में, गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में नरेंद्र मोदी ने सूरत के औद्योगिक क्षेत्र में 1.81 एकड़ ज़मीन 'आउट ऑफ टर्न' ऋषि अग्रवाल को आवंटित की थी, जिस पर कैग ने कीमतों पर आपत्ति जताई थी।

खेड़ा ने यह भी कहा कि सरकार एनसीएलटी और "तथाकथित दिवालिया कंपनियों" के बीच "मिलीभगत" के माध्यम से "धोखाधड़ी और बैंक डकैती" को संस्थागत बना रही है।

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